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बदले में अविरल सतत् प्रवाह नि:स्वार्थ भावों संतुष्टि की चाह प्रबल चाह इच्छा का प्रभाव जीवन की राह असंतुष्टि के तूफ़ान कुछ भी न चाह आम इंसान निज जीवन खुश रहने की चाह इंसान ए आम हूँ इंसानियत की चाह पैसा बनता सहायक मुक्तक बेचैनी और अशांति सरित सम नव उत्साह शैलेन्द्र गौड़

Hindi उत्कट चाह Quotes